नई दिल्ली। मंडी हाउस स्थित प्रतिष्ठित कमानी ऑडिटोरियम में अनुध्वनि आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी एवं साध मन (Saadh Mann) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह का भव्य और भावपूर्ण समापन हुआ। इस सांस्कृतिक उत्सव ने राजधानी के संगीत प्रेमियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और उसकी आध्यात्मिक गहराइयों से साक्षात्कार कराया।
महोत्सव के पहले दिन शास्त्रीय संगीत की सुरीली महफ़िल सजी। प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद मुस्तफा हुसैन के जादुई तबला वादन और पंडित आकाश दीप की भावपूर्ण सरोद प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं डॉ. अविनाश कुमार एवं डॉ. रिंदना रहस्य की शास्त्रीय गायन जुगलबंदी ने रागों की शुद्धता और भावनात्मक अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। नफीस अहमद की सारंगी की मधुर तानों को भी श्रोताओं ने खूब सराहा।
दूसरे दिन की शुरुआत पंकज विशाल के उत्कृष्ट सितार वादन से हुई, जिसने सभागार में रागात्मक सौंदर्य बिखेर दिया। इसके पश्चात दिल्ली विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशिक कुमार ने अपनी मखमली आवाज़ में ग़ज़लों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी गायकी में शास्त्रीय अनुशासन और संवेदनशीलता का अनूठा संतुलन देखने को मिला।
कार्यक्रम में संगीत नाटक अकादमी के उप सचिव श्री सुमन कुमार, आकाशवाणी दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. पं. संतोष नाहर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता में अनुध्वनि आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी के अध्यक्ष एल.डी. जोशी, सचिव डॉ. अनुपमा कुमारी एवं संस्थापक उस्ताद मुस्तफा हुसैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह महोत्सव राजधानी के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक यादगार अध्याय बनकर उभरा।
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