चण्डीगढ़। अखिल भारतीय राजार्य सभा द्वारा अपनें संगठन की चण्डीगढ़ ईकाई स्थापनार्थ एक जन जागरण बैठक का आयोजन आर्य समाज सेक्टर 22 चंडीगढ़ में रविवार 3 अगस्त को किया गया, जिसमें राजार्य सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आजाद सिंह नें उपस्थित जन समूह को भारत निर्वाचन आयोग से पंजीकृत राजनैतिक संगठन के रूप में अखिल भारतीय राजार्य सभा की आवश्यकता और उद्देश्यों से अवगत कराते हुए बतलाया कि वर्तमान समय में भारतीय राजनीति का व्यवसायीकरण हो चुका है, राजनैतिक धर्मान्धता का सहारा लेकर समाज में आडम्बर, पाखण्ड और अन्धविश्वास परोसा जा रहा है जबकि राजार्य सभा मानव समाज, पशु-पक्षी व प्रकृति के उत्थान तथा संरक्षण की राष्ट्रनीति के लक्ष्य के प्रति कार्यरत है। राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य करण सिंह नें केवल नेहरू-गांधी की चर्चा न करते हुए सनातन भारत, उसमें बनें चक्रवर्ती साम्राज्यों और सम्राटों के इतिहास की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि सोने की चिड़िया कहलानें वाले भारत में मुगलों और अंग्रेजी शासन ने देश के प्रकृतिक व खनिज संसाधनों की भारी लूट तो की ही साथ के साथ सम्पूर्ण सामाजिक क्षेत्रों का जनसांख्यकीय बिगाड़कर हमारी संस्कृति व संस्कारों पर भारी कुठाराघात किया। सुप्रसिद्ध सन्यासी एवं वैदिक प्रवक्ता स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने अखिल भारतीय राजार्यसभा के लक्ष्य और उद्देश्यों की जानकारी पाकर भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए पूरे देश में जनजागरण और संगठन के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं का समूह बनाने की दिशा में अपना योगदान देनें की घोषणा की।, आर्य समाज सेक्टर 22 चण्डीगढ़ के उप प्रधान राजेन्द्र सेठी एवं कमल कृष्ण महाजन इस अवसर पर उपस्थित रहे जबकि मंत्री विजय आर्य के अनुपस्थिति में कार्यवाहक मंत्री लक्ष्मण प्रसाद शास्त्री नें कुशल मंच संचालन का परिचय देते हुए आर्यसमाज के सुयोग्य धर्माचार्य अर्जुन देव शास्त्री के सहयोग व भरपूर समर्थन की मुक्तकण्ठ से सराहना की। सभा में उपस्थित कुछ लोगों ने उत्साहित होकर राजार्य सभा का निर्धारित सदस्यता शुल्क देकर सदस्यता ग्रहण की।
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