मनोज तोमर ब्यूरो चीब राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाईन टाइम्स गौतमबुद्ध नगर।
प्रयागराज/ ग्रेटर नौएडा। बोड़ाकी एमएमटीएच प्रोजेक्ट से प्रभावित किसानों की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान किसानों की ओर से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में नियमों के पालन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसानों की ओर से अधिवक्ता आदर्श भूषण ने अदालत के समक्ष आपत्तियों के निस्तारण, सोशल इंपैक्ट असेसमेंट (एसआईए) तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन संबंधी प्रावधानों को लेकर अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान रेल मंत्रालय भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। किसान बलराज भाटी एडवोकेट के अनुसार एमएमटीएच परियोजना के लिए दादरी तहसील के सात गांवों की करीब 47.38 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जिससे लगभग 1687 परिवारों के रिहायशी मकान प्रभावित होने का दावा किया गया है। किसानों का आरोप है कि धारा 20ए के तहत जारी अधिसूचना पर निर्धारित समय में आपत्तियां दाखिल करने के बावजूद उनका निस्तारण नहीं किया गया और आगे की अधिग्रहण प्रक्रिया जारी रखी गई। किसानों की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि इतनी बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित होने के बावजूद एसआईए सर्वे तथा आरएंडआर संबंधी प्रावधानों का पालन किया गया या नहीं।हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब किसानों और प्रशासन की निगाहें 16 सितंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।किसान बलराज भाटी ऐडवोकेट
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