मनोज तोमर ब्यूरो के राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाइम्स गौतम बुद्ध नगर?
ग्रेटर नोएडा। बोड़ाकी गांव निवासी किसान बलराज भाटी के खेत से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की मिट्टी चोरी के मामले में भारतीय रेलवे बोर्ड की पूर्व चेयरमैन जया वर्मा सहित डीएफसीसीआईएल के अधिकारियों ने अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम गौतम बुद्ध नगर आशीष कुमार चौरसिया की अदालत में अपना जवाब दाखिल किया है। मामले में डीएफसीसीआईएल के महाप्रबंधक रविंद्र जैन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पवन कुमार और डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर अखिलेश कुमार ने भी जवाब प्रस्तुत किया है।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा धर्मेंद्र सिंह ने अगली तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, जबकि कैमराला निवासी मिट्टी ठेकेदार धीर सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, पूर्व जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा तथा जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी और निर्मल सिंह की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया है। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के लिए 10 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।
किसान बलराज भाटी के अधिवक्ता ने बताया कि आरोप है कि चमरावली रामगढ़ गांव स्थित खेत से मिट्टी निकालकर न्यू बोड़ाकी रेलवे जंक्शन/डीएफसीसीआईएल परिसर में डाली गई, जिससे खेत की स्थिति प्रभावित हुई।
बलराज भाटी के अनुसार, उनकी 40 बीघा जमीन में से 25 बीघा जमीन वर्ष 2021 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई थी। उनका आरोप है कि रेलवे की बाउंड्री वॉल बनने के बाद बची 15 बीघा जमीन का रास्ता और पानी की व्यवस्था बाधित हो गई। 21 अगस्त 2024 को खेत का निरीक्षण करने पर उन्होंने वहां गेट और रैंप बना पाया तथा खेत से मिट्टी निकाले जाने का आरोप लगाया।
अधिवक्ता के मुताबिक, मामले में पुलिस जांच रिपोर्ट में खेत तक अन्य रास्ता नहीं होने और रैंप बनाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद निचली अदालत के आदेश के विरुद्ध क्रिमिनल रिवीजन दाखिल की गई, जिस पर अपर सत्र न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को तलब किया था। अब अगली सुनवाई में सभी पक्षों को सुना जाएगा।
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