नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के तहत विकसित किए गए हरे-भरे पार्क अब बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। गांव बरौला स्थित चौधरी चाँद सिंह पार्क, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, आज खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस गंभीर मुद्दे को किसान नेता व सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी बीसी प्रधान ने उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते पार्क की हालत लगातार बिगड़ती गई। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उधान विभाग के डायरेक्टर आनंद मोहन से भी कई बार संपर्क किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ठेकेदार द्वारा कभी-कभार पानी डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि पार्क के रखरखाव के नाम पर भारी भरकम बजट खर्च दिखाया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य भले ही ठप पड़े हों, लेकिन ठेकेदारों की पेमेंट समय से हो जाती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। यह स्थिति प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
चौधरी बीसी प्रधान ने मुख्य कार्यपालिक अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पार्क को फिर से विकसित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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