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जिलाधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट को कोर्ट ने किया तलब, 20 लाख की मिट्टी चोरी मामले में सुनवाई तेज!

मनोज तोमर ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स गौतमबुद्ध नगर।
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिला एवं सत्र न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) प्रतिक्षा नागर ने बोड़ाकी गांव निवासी अधिवक्ता बलराज भाटी द्वारा दायर मामले में पूर्व जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पूर्व नोएडा सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह, पूर्व जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी, निर्मल सिंह समेत अन्य अधिकारियों को तलब किया है। यह मामला चमरावली रामगढ़ गांव में स्थित खेत से लगभग 20 लाख रुपये की मिट्टी चोरी कर उसे न्यू बोड़ाकी रेलवे जंक्शन/डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (DFCC) परिसर में डालने से जुड़ा है।
अधिवक्ता बलराज भाटी के अनुसार उनके परिवार की चमरावली रामगढ़ गांव में लगभग 40 बीघा जमीन थी, जिसमें से 25 बीघा भूमि वर्ष 2021 में रेलवे के डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहीत कर ली गई थी। शेष 15 बीघा जमीन का रास्ता रेलवे जंक्शन की बाउंड्री वॉल बनने के कारण बंद हो गया, जिससे खेत तक पहुंचना और पानी की बोरिंग चलाना भी संभव नहीं रहा और खेती प्रभावित हो गई।
भाटी ने बताया कि 21 अगस्त 2024 को जब वह अपने खेत पर पहुंचे तो देखा कि रेलवे परिसर की बाउंड्री वॉल से उनके खेत की ओर एक गेट खोलकर रैंप बनाया गया था और खेत से मिट्टी निकालकर डीएफसीसी परिसर में डाली गई थी। इससे खेत करीब 12 फीट गहरा हो गया और जमीन खेती के लायक नहीं रही।
इस मामले को लेकर बलराज भाटी ने पूर्व जिलाधिकारी, रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया वर्मा, पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट, जिला खनन अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 173(4) व 175(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में केस दायर किया था। न्यायालय के आदेश पर पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर द्वारा जांच कराई गई, जिसमें खेत से मिट्टी निकाले जाने और रैंप बनाए जाने की पुष्टि हुई। हालांकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बबिता पाठक ने केस खारिज कर दिया था।
इसके बाद भाटी ने इस आदेश के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 438 के तहत जिला न्यायाधीश के समक्ष क्रिमिनल रिवीजन दाखिल किया। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रतिक्षा नागर ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालय में तलब किया है। न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए सभी को 16 अप्रैल 2026 को उपस्थित होने का आदेश दिया है।

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