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300 इंच की एलईडी स्क्रीन पर गूंजा ‘भारत माता की जय’: सोसाइटी में भारत–न्यूजीलैंड फाइनल का सामूहिक प्रसारण

मनोज तोमर ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स गौतमबुद्ध नगर।
ग्रेटर नोएडा | Greater Noida की प्रमुख आवासीय सोसाइटी Paramount Golf Forest Society में 8 मार्च की शाम क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। सोसाइटी के क्लब हाउस में लगभग 300 इंच की विशाल एलईडी स्क्रीन लगाकर India national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले का सामूहिक लाइव प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम में सैकड़ों निवासी अपने परिवारों के साथ शामिल हुए और बड़े उत्साह के साथ मैच का आनंद लिया। शाम करीब 5 बजे से ही लोग क्लब हाउस परिसर में एकत्र होने लगे। जैसे ही मैच शुरू हुआ, पूरा परिसर किसी मिनी स्टेडियम की तरह नजर आने लगा। हर चौके-छक्के और विकेट पर तालियों और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
मैच के दौरान कई लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे और पूरे जोश के साथ टीम इंडिया का समर्थन करते दिखाई दिए। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ मैच का रोमांच महसूस किया।
जैसे ही भारत ने मुकाबला अपने नाम किया, सोसाइटी में खुशी की लहर दौड़ गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोगों ने नाचकर जीत का जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। बच्चों ने तिरंगा लहराते हुए माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर अशोक चौधरी ने सभी महिलाओं को International Women's Day की शुभकामनाएं देते हुए टीम इंडिया की जीत पर सोसाइटी के निवासियों को बधाई दी। कार्यक्रम की व्यवस्था के बारे में अंसु राणा ने बताया कि एलईडी स्क्रीन, स्नैक्स और मनोरंजन की विशेष व्यवस्था की गई थी।
इस आयोजन को सफल बनाने में अरुण गोयल, सौरभ मिश्रा, सुंदर सिंह, एडवोकेट गौरव शर्मा, मनीष चौधरी, महेश शर्मा, राजीव सिंह, परितोष, नितिन गुप्ता, कवर सिंह, शंकर केसरी, रामललित मोहन, सूरवीर सिंह, शेरोज सिंह, बब्बन सिंह, सचिन दुग्गल, रजनीश यादव, रामललित चौधरी, संजीव और सौरभ शर्मा सहित अनेक निवासियों ने सक्रिय सहयोग दिया।
एडवोकेट गौरव शर्मा ने कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन समाज में आपसी एकता, उत्साह और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। यह कार्यक्रम केवल मैच देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामुदायिक एकजुटता का सुंदर उदाहरण बन गया।

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