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भारत–नेपाल आध्यात्मिक संबंधों को नई मजबूती, संत महासभा ने नेपाल में सौंपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व

रामानंद तिवारी संवाददाता राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स नई दिल्ली।
नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026। संत महासभा के संस्थापक स्वामी चक्रपाणि महाराज ने एक विधिवत समारोह में सुरेन्द्र कुमार जोशी को नेपाल का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया। यह समारोह मंदिर मार्ग स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित हुआ, जहाँ संत समाज, पदाधिकारी और श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय कार्यालय मंत्री पंडित दीपक शास्त्री ने श्री जोशी को शपथ दिलाई और स्वामी चक्रपाणि महाराज ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर आशीर्वाद प्रदान किया।
अपने संबोधन में स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि भारत और नेपाल धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से “दो शरीर, एक आत्मा” के समान हैं। उन्होंने पशुपतिनाथ मंदिर की महिमा का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के सनातन संबंधों को विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार करना और वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक समन्वय स्थापित करना है।
स्वामी जी ने स्वामी विवेकानंद, स्वामी श्रद्धानंद, महर्षि महेश योगी और श्री प्रभुपाद जी जैसे महान संतों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री जोशी के नेतृत्व में नेपाल में संत महासभा की गतिविधियाँ और अधिक सशक्त होंगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी संतों और श्रद्धालुओं ने भारत–नेपाल के आध्यात्मिक संबंधों के और अधिक प्रगाढ़ होने की कामना करते हुए नव नियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएँ दीं।

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