नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया बयान को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में स्वामी चक्रपाणि महाराज, जो अखिल भारत हिंदूमहासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि घर वापसी कोई विवादित विषय नहीं बल्कि एक पुण्य का कार्य है, जिस पर अनावश्यक नाराजगी जताना उचित नहीं है।
उन्होंने विशेष रूप से अरशद मदनी की प्रतिक्रिया पर असहमति जताते हुए कहा कि सभी मनुष्यों की जड़ें और मूल एक ही हैं, इसलिए समाज में विभाजनकारी बयान देने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, “हमारी मां और आपकी मां एक ही धरती है, और सभी ने मां का दूध ही पिया है, इसलिए एकता और सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।”
इस दौरान उन्होंने इम्तियाज जलील द्वारा मोहन भागवत की तुलना आतंकी से करने को अत्यंत निंदनीय बताया। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी से मांग की कि वे इस तरह की टिप्पणी करने वाले नेताओं पर उचित कार्रवाई करें।
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अंत में कहा कि देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान बनाए रखना सभी नागरिकों और नेताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर संवाद, संयम और सकारात्मक सोच जरूरी है, ताकि समाज में शांति और विश्वास मजबूत हो सके। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों को बढ़ाने के बजाय राष्ट्रीय हित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दें। देशहित सर्वोपरि है और सबको साथ चलना चाहिए हमेशा।
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