दादरी/गाजियाबाद। दिल्ली–एनसीआर में तेजी से बढ़ते मेट्रो नेटवर्क के बीच दादरी क्षेत्र को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर स्थानीय सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है। गाजियाबाद–दादरी–सिकंदराबाद–बुलंदशहर रूट पर मेट्रो की मांग अब अधिक मुखर हो चुकी है। क्षेत्रीय संगठनों का कहना है कि मेट्रो के अभाव में दादरी सहित आसपास के कस्बों और गांवों का विकास अधूरा है और दिल्ली तथा अन्य महानगरीय केंद्रों तक सुगम कनेक्टिविटी के बिना रोजगार, शिक्षा और औद्योगिक विकास प्रभावित हो रहा है।
इस संदर्भ में आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला उपाध्यक्ष डॉ. आनंद आर्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर रूट पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद से दादरी होते हुए सिकंदराबाद और आगे बुलंदशहर तक का क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है और यहां की आबादी लगभग 50 लाख के करीब हो चुकी है। इसके बावजूद यह इलाका मेट्रो सुविधा से वंचित है, जबकि एनसीआर के अन्य हिस्सों में मेट्रो का जाल तेजी से फैल रहा है।
डॉ. आनंद आर्य ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि दिल्ली से नौकरी करने जाने वाले लोगों, छात्रों और स्थानीय उद्योगों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “सबका साथ–सबका विकास” के दृष्टिकोण से इस रूट पर मेट्रो की योजना शुरू की जानी चाहिए ताकि क्षेत्रीय असमानता समाप्त हो और क्षेत्र एकीकृत रूप से राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ सके।
संगठनों का कहना है कि दादरी की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी और आवश्यक हुआ तो बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी सोशल मीडिया एवं जन–हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से समर्थन देना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि मेट्रो कनेक्टिविटी के बिना दादरी का विकास आधा-अधूरा है और अब यह मांग केवल सुविधा का नहीं बल्कि क्षेत्रीय बराबरी का विषय बन चुकी है।
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