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सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प: स्वामी चक्रपाणि जी और स्वामी सत्यकृष्ण महाराज की अहम मुलाकात

रामानन्द तिवारी संवाददाता दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स नई दिल्ली।
नई दिल्ली: अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज और श्री स्वामी सत्यकृष्ण महाराज जी ने सनातन संस्कृति की रक्षा और हिंदुओं के अधिकारों की सुरक्षा के प्रति अपने संकल्प को पुनः दोहराया। इस ऐतिहासिक भेंट के दौरान दोनों धर्मगुरुओं ने आध्यात्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, और जनहित के मुद्दों पर गहन चर्चा की।
बैठक के दौरान दोनों संतों ने वर्तमान समय में हिंदू समाज के सामने खड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सभी सनातनियों को एकजुट होना होगा। धर्मगुरुओं का मानना है कि हिंदू समाज के एकजुट होने से ही राष्ट्र की प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि सुनिश्चित हो सकती है।
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मंथन
चर्चा में सामाजिक समरसता, धर्मांतरण, गौ रक्षा, और मंदिरों की सुरक्षा जैसे विषयों को भी प्राथमिकता दी गई। साथ ही, उन्होंने राजनीति को धर्म और जनहित से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वामी चक्रपाणि जी ने कहा, "सनातन धर्म की रक्षा हमारा परम कर्तव्य है, और इसके लिए हर हिंदू को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए।"
स्वामी सत्यकृष्ण महाराज ने कहा, "हिंदू समाज की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब तक हम संगठित नहीं होंगे, तब तक अपने हितों की रक्षा नहीं कर सकते।" दोनों धर्मगुरुओं ने हिंदू समाज के प्रत्येक वर्ग से सनातन संस्कृति को संरक्षित करने में योगदान देने की अपील की।

नारा:
वंदे मातरम! भारत माता की जय!
🚩 जय सनातन धर्म! 🚩

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