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जीव अपने जीवन में सुखऔर दुख का निर्माता स्वयं ही है:- कथा व्यास रामदास महाराज

 नरेश पाल सिंह ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाईन टाइम्स बिजनौर।
बिजनौर। हल्दौर नगर की नवीन मंडी समिति में श्रावण मास में चल रही शिव महा पुराण के चौथे दिन  वृंदावन धाम से पधारे रामकृपा धाम आश्रम के पीठाधीश्वर कथा व्यास रामदास महाराज ने कहा कि इस शरीर रूपी वृक्ष में दो पक्षी बैठे हए हैं एक जीवात्मा है तो दूसरा परमात्मा इससे यह बात सिद्ध होती है ईश्वर ही हमारा सच्चा हितैषी है। अपना कल्याण चाहने वाले मनुष्य को संसार के सारे काम ईश्वर की प्रसन्नता के लिए ही करने चाहिए। ईश्वर हमारे सभी कर्मों को देखने वाले हैं उनसे कुछ छिपा नहीं है। जीव अपने जीवन में सुख और दुख का निर्माता स्वयं है। इस जगत में दो मार्ग है सत्य और असत्य, धर्म ओर अधर्म। सत्य का  मार्ग  जीवन में भक्ति, सुख शांति देने वाला है। अधर्म एवं असत्य का  मार्ग जीव को भयंकर दुखो के दल दल में डाल देता है।महाराज जी ने दक्ष का चरित्र सुनाते हुए कहा कि दक्ष ब्रह्मा जी के पुत्र थे। बहुत बड़ा पद उन्हें मिला लेकिन अभिमान के चलते महादेव से शत्रुता की और परिणाम आया तो बकरे का मुख धारण कर वह स्वरूप से कुरूप बन गए।  जो अभिमान के कारण धन या युवनी या सत्ता के मद में अंधा होकर  अपने माता पिता एवं गुरु जनो का अपमान करता है ऐसे जीव की दुर्दशा हो जाती है। सारे समाज की भाई बहनों को ये प्रेरणा लेनी चाहिए।सबकुछ प्राप्त हो जाने के बाद भगवान की भक्ति करते हुए अपने बड़ों का भगवान की तरह आदर सम्मान करते हुयअपने हर दिन को आनंद से  जीना चाहिए।जो व्यक्ति जितना तपता है वो उतना महान हो जाता है। बिना तपस्या के ब्रह्मा, विष्णु, महेश को कोई भी नहीं जानता, वह आज भी त्रिलोकी के कल्याण के लिए तपस्या में लीन है। कथा के मुख्य यजमान संजय मारवाड़ी एवं पत्नी बबीता मारवाड़ी रहे। हवन पूजन आचार्य कृष्ण कुमार पांडे एवं बृजेश शर्मा ने कराया। आज का प्रसाद प्रमोद कुमार, यश कुमार पानी वालो का रहा। कथा में अवनीश कुमार शर्मा,सुरेश सिंह, करन सिंह, जितेंद्र शरम, विजय सैनी, चंचल वशिष्ठ,  रमेश चौहान, पुनीत शर्मा, संजय वशिष्ठ, डॉ नवदीप दुबे, के के चंद्रा, रघुवीर शरण शर्मा, राहुल गुप्ता, शिक्षा शर्मा, रेखा यादव, उर्मिला देवी, रेखा देवी, लक्ष्मी देवी, प्रतिभा वशिष्ठ पुष्पा मारवाड़ी, प्रमोद चौहान, विजय सीमेंट वाले आदि मौजूद रहे।

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