मनोज तोमर ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाईन टाइम्स।
नोएडा। ग्राम बरौला में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या और हाल की बारिश के दौरान हालात बिगड़ने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था पर बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री कृष्णा करुणेश ने जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर जूनियर इंजीनियर (जेई) पार्थ राठौड़ और सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं कार्य में घोर लापरवाही एवं शिथिलता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। वहीं, जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने के कारण प्रबंधक करण सिंह त्यागी (सिविल) और प्रबंधक रमेन्द्र (जल/सीवर) के सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दर्ज की गई है।
इतना ही नहीं, जल निकासी कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्यदायी फर्म मैसर्स वर्म इंडिया पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि कार्य में शिथिलता और लापरवाही के चलते उसे ब्लैकलिस्ट क्यों न किया जाए।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री कृष्णा करुणेश ने प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में जलभराव या अन्य मूलभूत समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध इससे भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं से स्थायी राहत दिलाना और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। बरौला में हुई इस कार्रवाई को नोएडा प्राधिकरण की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
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