अलीगढ़/गौतमबुद्ध नगर। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को जनपद अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र, ग्राम मरोरगढ़ी एवं आसपास के गांवों में व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध रूप से विकसित की जा रही हरित वाटिका मरोरगढ़ी सहित अन्य कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर लगभग डेढ़ लाख वर्गमीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 450 करोड़ रुपये बताया गया है।
यह कार्रवाई यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर विशेष कार्य अधिकारी (आईएएस) शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में उप जिलाधिकारी अभिषेक शाही, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह, प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अधिकारियों तथा अलीगढ़ पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भूखंड या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की पूरी जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों से बचा जा सके।
यीडा का संदेश स्पष्ट है— अवैध कॉलोनियों में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। नागरिक केवल प्राधिकरण से अनुमोदित परियोजनाओं में ही निवेश करें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन या झूठे विज्ञापनों के आधार पर संपत्ति खरीदने से पहले संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। इससे आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहेगी और अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने में भी सहयोग मिलेगा।
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