नोएडा। मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले हुई एक दिन की बारिश ने ही नोएडा प्राधिकरण की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर भारी जलभराव हो गया, जिससे यातायात बाधित रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर-49 और गांव बरौला से सामने आए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता बी.सी. प्रधान ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईटेक सिटी नोएडा में हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण नालों की समय पर सफाई नहीं हो पाती, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
बी.सी. प्रधान ने कहा कि अभी तो मानसून पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, फिर भी एक दिन की बारिश ने शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। उन्होंने सेक्टर-49 और गांव बरौला की वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में लोग घंटों तक जलभराव की समस्या से जूझते रहे और कई वाहन पानी में फंस गए।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में नोएडा विधायक द्वारा प्राधिकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर 15 जुलाई तक सभी नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। इससे स्पष्ट है कि अधिकारियों ने निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर स्थायी समाधान किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मानसून के दौरान शहरवासियों को बार-बार ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
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