गाजियाबाद। मानसून से पहले शहर को जलभराव की समस्या से मुक्त कराने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। नगर आयुक्त ने जलकल, स्वास्थ्य एवं निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए तीनों विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जलभराव वाले स्थलों पर विशेष निगरानी रखें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से साफ किए गए नालों की सूची मांगी तथा जलकल एवं निर्माण विभाग को उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने नए निर्मित नालों को शीघ्र कनेक्ट करने, बंद पड़े मार्गों को खोलने, पुलियों की सफाई कराने तथा सीवर मेनहोल को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जोनल प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को कहा।
बैठक में लाल कुआं, साहिबाबाद, राजेंद्र नगर, प्रताप विहार, पटेल नगर, यूपी गेट, साईं अंडरपास, विजयनगर अंडरपास, अर्थला अंडरपास, भोपुरा चौक एवं शादीक की पुलिया सहित 55 जलभराव प्रभावित स्थलों की विस्तृत समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से इन स्थानों पर किए गए कार्यों की जानकारी लेते हुए पांच दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण है। उन्होंने इंदिरापुरम के मकनपुर तथा स्वर्ण जयंतीपुरम क्षेत्र में भी विशेष कार्यवाही कर जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त की सक्रिय निगरानी और सख्त निर्देशों से शहरवासियों को इस बार बरसात में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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