गाजियाबाद। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है। विजयनगर स्थित 48 एकड़ आर्मी लैंड को अब "ग्रीन लंग्स ऑफ गाजियाबाद" के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां मियावाकी पद्धति से लगभग 7 लाख पौधों का विशाल जंगल तैयार होगा। यह परियोजना शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और निर्देश दिए कि 1 जुलाई से प्रथम चरण में 9 एकड़ भूमि पर सवा लाख से अधिक पौधों का रोपण शुरू किया जाए। शेष 37 एकड़ क्षेत्र में लगभग 6 लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह परियोजना सिटी फॉरेस्ट और साईं उपवन की तर्ज पर विकसित की जाएगी, जिससे विजयनगर क्षेत्र को नया पर्यावरणीय स्वरूप मिलेगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि इस हरित अभियान के तहत बरगद, पीपल, अर्जुन, शीशम, सागवान, नीम, जामुन, कटहल, आम, कचनार, गूलर, पिलखन सहित अनेक फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। इससे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी, कार्बन डाइऑक्साइड में कमी आएगी और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
वरिष्ठ प्रभारी उद्यान एन.के. चौधरी एवं प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज की देखरेख में भूमि की गहरी जुताई और अन्य तैयारियां तेजी से जारी हैं। आर्मी लैंड से गंदगी हटाकर हरित क्षेत्र विकसित किए जाने पर विजयनगर के स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल की सराहना करते हुए इसे शहर के भविष्य के लिए एक सराहनीय कद
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