गाजियाबाद। शहर को विश्वस्तरीय हरित पहचान देने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गाजियाबाद के पहले बायोडायवर्सिटी पार्क परियोजना की प्रगति की गहन समीक्षा की। नगर आयुक्त ने पहले अधिकारियों और कार्यदायी संस्था से विस्तृत प्रेजेंटेशन देखी, उसके बाद मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया तथा परियोजना की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।
बस अड्डे के पीछे लगभग 26 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी पार्क से वर्षों से जमा कूड़ा एवं गंदगी हटाकर भूमि को तैयार किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने बटरफ्लाई गार्डन, फूड कोर्ट, विशाल पॉन्ड, पार्किंग, विजिटर सेंटर, गेम जोन और एंट्री गेट सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि गाजियाबाद के पर्यावरणीय भविष्य की आधारशिला है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर एंट्री गेट क्षेत्र में मौजूद खंभों, तारों एवं अन्य बाधाओं को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नगर आयुक्त ने बताया कि पार्क में 270 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। बरगद, पीपल, अर्जुन, नीम, सागवान, जामुन, आम, कटहल, कचनार, गूलर, शहतूत, पपीता, केला तथा औषधीय पौधों के साथ विशेष बटरफ्लाई गार्डन भी विकसित किया जाएगा। आगामी 15 दिनों में पौधारोपण का कार्य प्रारंभ होगा।
लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह बायोडायवर्सिटी पार्क भविष्य में गाजियाबाद का प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा तथा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और नागरिकों को स्वच्छ हरित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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