दादरी। गौतम बुद्ध नगर के एनटीपीसी खंड अंतर्गत छपरौला मंडल स्थित अमनदीप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल परिसर में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य, गरिमामयी और ऐतिहासिक आयोजन अत्यंत अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन अपनी विशाल जनभागीदारी, वैचारिक स्पष्टता, सांस्कृतिक गरिमा और राष्ट्र निर्माण के संदेश के कारण विशेष रूप से स्मरणीय रहा। हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और राष्ट्रभक्त नागरिकों ने पूरे वातावरण को राष्ट्र, धर्म और संस्कार की चेतना से ओतप्रोत कर दिया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री श्रीमान गौरव गॉड ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1925 में परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगवार द्वारा स्थापित यह संगठन आज राष्ट्रसेवा का सशक्त आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक जीवंत राष्ट्रवादी विचारधारा है, जो हिंदुत्व और भारतीय सांस्कृतिक चेतना की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
श्री गॉड ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे पूज्य महंत राधेश्याम पुरी जी महाराज ने हिंदू समाज को संगठित रहने, अपने संस्कारों और परंपराओं की रक्षा करने का आह्वान किया। डसना मंदिर के महंत नरसिंहानंद, हिंदू नेता पिंकी चौधरी सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। इस अवसर पर कार्यक्रम मुख्य आयोजन समिति मा. कपिल,मा. विजय , मोहित , अंकित , डा. दिनेश बघेल , सुमित त्यागी, राहुल , महावीर सहित अनेक गणमान्य कार्यकर्ता एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे
सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बच्चों की प्रस्तुतियों, आर्य वीर दल के दंड अभ्यास, भव्य यज्ञ, रंगोली सज्जा और अनुशासित आयोजन ने सम्मेलन की भव्यता को और अधिक बढ़ाया। कार्यक्रम का सफल संचालन अनिल मावी एवं मनोज शास्त्री द्वारा किया गया। समग्र रूप से यह विराट हिंदू सम्मेलन समाज में एकता, चेतना और कर्तव्यबोध जागृत करने वाला प्रेरणादायी आयोजन सिद्ध हुआ।
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