रामानंद तिवारी संवाददाता राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाईन टाइम्स नई दिल्ली।
नई दिल्ली, 29 जून। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के हिन्दू पक्षकार रहे जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नई ट्रस्ट समिति गठित करने का आग्रह किया है।
स्वामी चक्रपाणि ने अपने पत्र में प्रस्ताव रखा है कि नवीन ट्रस्ट समिति का गठन श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज की अध्यक्षता में किया जाए। साथ ही समिति में तेरहों अखाड़ों के प्रतिनिधियों, प्रमुख हिन्दू पक्षकारों, अधिवक्ताओं, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों एवं कार्यकर्ताओं तथा प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को शामिल करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे ट्रस्ट का संचालन अधिक पारदर्शी, सर्वमान्य और जनविश्वास के अनुरूप हो सकेगा।
स्वामी चक्रपाणि ने दावा किया कि हाल के समय में ट्रस्ट से जुड़े विवादों और मंदिर परिसर में चोरी जैसी घटनाओं के कारण श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ी है। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने ट्रस्ट के पुनर्गठन को समय की आवश्यकता बताया।
उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर उनकी आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी से, जो इन दिनों अमेरिका प्रवास पर हैं, दूरभाष पर विस्तृत चर्चा हुई है। स्वामी चक्रपाणि के अनुसार, शीघ्र ही वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार संत समाज और करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगी।
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