बिजनौर। लोक कला, लोकपर्वों और लोककथाओं को अपनी कूची के माध्यम से जीवंत रूप देने वाली बिजनौर की प्रसिद्ध कलाकार डॉ. पारुल तोमर को प्रतिष्ठित 'विष्णु प्रभाकर राष्ट्रीय स्मृति प्रोत्साहन सम्मान-2026' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 20 जून 2026 को दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी हिंदुस्तानी साहित्य सभा एवं विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित गरिमामयी समारोह में प्रदान किया गया।
डॉ. पारुल तोमर ने अपनी विशिष्ट कलाशैली और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनके चित्रों में भारतीय लोकजीवन, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक दिखाई देती है। उनके द्वारा निर्मित कलाकृतियां देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के आवरण पृष्ठों पर प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड की पाठ्यपुस्तकों के लिए भी रेखांकन कर कला जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. तोमर ने कहा कि महान साहित्यकार विष्णु प्रभाकर के नाम पर दिया जाने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान उनके लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों को समर्पित किया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विजय विजन एवं शिवनारायण उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. लक्ष्मीशंकर बाजपेई ने की। कवि प्रसून लतांत ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। डॉ. पारुल तोमर की इस उपलब्धि से बिजनौर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है।
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