विशेष संवाददाता भुवनेश्वर। जून 2024 में ओडिशा में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य ने विकास की नई कहानी लिखनी शुरू की। दो वर्षों के कार्यकाल में सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए, जिन्होंने ओडिशा को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।
1. सुभद्रा योजना बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल
माझी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में सुभद्रा योजना को माना जा रहा है। इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया। स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमिता को इससे नई ऊर्जा मिली है।
2. पहली बार सेमीकंडक्टर उद्योग की मजबूत नींव
ओडिशा को देश के उभरते हुए सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते कर राज्य में उच्च तकनीक आधारित उद्योगों को आकर्षित किया गया। इससे भविष्य में हजारों तकनीकी रोजगार सृजित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
3. ‘उत्कर्ष ओडिशा’ ने बदली औद्योगिक तस्वीर
‘उत्कर्ष ओडिशा – मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव’ सरकार की सबसे सफल पहलों में शामिल रहा। इस आयोजन ने देश और विदेश के निवेशकों का ध्यान ओडिशा की ओर खींचा। भारी उद्योग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, स्टील और विनिर्माण क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्तावों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।
4. खनिज राज्य से औद्योगिक शक्ति बनने की ओर कदम
पहले जहां ओडिशा की पहचान केवल खनिज संपदा तक सीमित थी, वहीं अब राज्य औद्योगिक विकास और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बड़े उद्योग समूहों के निवेश से रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को बल मिला है।
5. किसानों के लिए तकनीक आधारित कृषि मॉडल
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण सड़कों का निर्माण और किसान हितैषी योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है।
6. गरीबों के लिए आवास और सम्मानजनक जीवन
प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ ऐसे जरूरतमंद परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराने की पहल की गई, जो किसी कारणवश अन्य योजनाओं से वंचित रह गए थे। इससे हजारों परिवारों को पक्के घर का सपना साकार हुआ।
7. शिक्षा और स्वास्थ्य में भविष्य की तैयारी
सरकार ने केवल वर्तमान पर नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों पर भी ध्यान केंद्रित किया। नए मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और तकनीकी शिक्षा केंद्रों की स्थापना के माध्यम से युवाओं को आधुनिक अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
8. भ्रष्टाचार पर सख्ती और संवेदनशील प्रशासन
दो वर्षों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के प्रयासों ने शासन व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़ाया है।
ओडिशा का नया विकास मॉडल
दो वर्षों में मोहन माझी सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि विकास केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि उनके धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन से होता है। महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश, सेमीकंडक्टर निर्माण, कृषि सुधार और गरीब कल्याण जैसी पहलों ने ओडिशा को एक नए विकास मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।
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