रामानंद तिवारी संवाददाता राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाईन टाइम्स नई दिल्ली।
नई दिल्ली, 6 जून। अखिल भारत हिंदू महासभा भवन, नई दिल्ली में आयोजित दिल्ली संत महामंडल की महत्वपूर्ण बैठक में जगद्गुरु सनातन सम्राट परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज को सर्वसम्मति से दिल्ली संत महामंडल का राष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित किया गया। बैठक की अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने की।
श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने विधिवत घोषणा करते हुए स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। इसके बाद महामंडलेश्वर नवल किशोर दास जी महाराज सहित उपस्थित संतों एवं धर्माचार्यों ने माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल “हर-हर महादेव”, “जय श्रीराम” और “सनातन धर्म की जय” के उद्घोषों से गूंज उठा।
अपने संबोधन में श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज का सनातन धर्म, राष्ट्र और समाज के प्रति योगदान अतुलनीय है। वहीं महामंडलेश्वर नवल किशोर दास जी महाराज ने उनके नेतृत्व को संत समाज के लिए नई ऊर्जा और दिशा देने वाला बताया।
स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने कहा कि दिल्ली संत महामंडल की स्थापना लगभग 26 वर्ष पूर्व पूज्य राघवानंद जी महाराज सहित अनेक संतों के सहयोग से हुई थी। उन्होंने राष्ट्र रक्षा, धर्म रक्षा, गौ रक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए संत समाज को संगठित होने का आह्वान किया।
बैठक में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, सनातन बोर्ड के गठन, हिंदू समाज में समरसता बढ़ाने, सहभोज कार्यक्रमों के आयोजन, धर्मांतरण एवं लव जिहाद के विरुद्ध जनजागरण तथा प्रत्येक संत द्वारा पांच बच्चों को गोद लेकर उन्हें शास्त्र एवं शस्त्र शिक्षा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। भोजशाला प्रकरण में हिंदू पक्ष के पक्ष में आए निर्णय का भी संतों ने स्वागत किया।
बैठक में 7 जून को तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन हिंदू सम्मेलन में अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर राजेश्वरानंद दास, विद्या गिरि, जगद्गुरु योगी महाराज, जगद्गुरु प्रपन्नाचार्य, कंचन गिरि, धीरेंद्र पुरी, गिरिशानंद गिरि, आनंदेश्वरानंद गिरि, रामलखन दास, राम मंगल दास, हरिराम दास, राम पदार्थ दास, अमन गिरि, अर्जुन गिरि, ललित गिरि, बबलू गिरि, साध्वी विश्वरूपा, शैलेन्द्र गिरि, रूप गिरि, सत्यनारायणाचार्य, सूरज गिरि, सतीश दास, रूपचंद नागर सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रीमती सोनिया ठाकुर ने स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। बैठक के अंत में राष्ट्रधर्म से जुड़े प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भेजने की घोषणा की गई तथा भंडारे और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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