धर्मपाल सिंह बैसोया ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक हिंदी फ्यूचर लाईन टाइम्स समाचार पत्र मुजफ्फरनगर।
मुजफ्फरनगर। तहसील बुढ़ाना में प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-दस्तावेज बैनामा प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं, अर्जनवीसों, मुंशियों और टाइपिस्टों का धरना सोमवार को 15वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने नई व्यवस्था को जनहित के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक राठी ने कहा कि ई-बैनामा प्रणाली से दस्तावेजों में गड़बड़ी और जालसाजी की आशंका बढ़ेगी। उनका आरोप है कि एक बार दस्तावेज ऑनलाइन जमा होने के बाद उसमें सुधार या वापसी की प्रक्रिया जटिल होगी, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संपत्ति विवाद बढ़ सकते हैं और पारंपरिक व्यवस्था की पारदर्शिता भी प्रभावित होगी।
अशोक राठी ने सरकार से मांग की कि पूर्व की भांति रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिवक्ताओं, अर्जनवीसों और मुंशियों के माध्यम से बैनामा कराने की व्यवस्था को यथावत रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नई प्रणाली जनता के हित में नहीं है और इससे बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है।
धरने की अवधि को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन केवल बुढ़ाना ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में लगातार जारी रहेगा।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में उदयवीर सिंह, बालकिशन शर्मा, बार अध्यक्ष सुरेश पाल सिंह, अवध बिहारी गर्ग, अंकित शर्मा, विजय प्रताप सिंह, दीपक राठी, विनोद त्यागी, शो सिंह राणा, इलियास सहित अनेक अधिवक्ताओं और अर्जनवीसों ने अपने विचार रखते हुए सरकार से ई-बैनामा प्रणाली पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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