सहारनपुर/नई दिल्ली। सेवा, सादगी और समर्पण की मिसाल रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेंद्र सिंह के निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। सहारनपुर जनपद के गांव रादौर निवासी डॉ. सिंह ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित कर दिया। यही कारण रहा कि उनकी अंतिम विदाई के समय हर आंख नम नजर आई।
4 अप्रैल 2026 को उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले स्वयं गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार में भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
डॉ. योगेंद्र सिंह ने दिल्ली के केशव कुंज, झंडेवालान में लंबे समय तक चिकित्सक के रूप में सेवाएं दीं और हजारों जरूरतमंद लोगों का निःस्वार्थ उपचार किया। उनका मानना था कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है। उनके सरल स्वभाव और मधुर व्यवहार ने उन्हें हर दिल अजीज बना दिया।
तेरहवीं हवन के अवसर पर भी भारी जनसमूह उमड़ा। इस मौके पर सहारनपुर विभाग के विभाग कार्यवाह अरविंद, जिला कार्यवाह मनीष, संघ चालक संजय आर्य, रामपुर मनिहारान नगर कार्यवाह जयदीप, ननोटा नगर कार्यवाह गजेंद्र, गंगोह नगर कार्यवाह कुलदीप सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. गजेंद्र सिंह पोसवाल (दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. अनिल कुमार (जेएनयू), डॉ. सुशील भाटी (उत्तराखंड) और डॉ. गौरव (दिल्ली विश्वविद्यालय) सहित कई शिक्षाविदों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी ने एक स्वर में कहा कि डॉ. योगेंद्र सिंह का जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना
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