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समझाने वाला एक आर्य समाज और बहकाने वाले हजार: स्वामी शिवानंद

मनोज तोमर ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स गौतमबुद्ध नगर।

दादरी। दादरी विकासखंड के गांव बंबावड़ में क्षेत्रीय वेद प्रचार समिति दादरी के तत्वावधान में चल रहे 26 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के 20वें दिन वैदिक संन्यासी स्वामी शिवानंद जी महाराज ने वैदिक विचारधारा, सामाजिक जागरूकता और अंधविश्वास के विरुद्ध जनचेतना का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी ओमवीर आर्य एडवोकेट ने बताया कि स्वामी शिवानंद जी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को वैदिक सिद्धांतों और तर्कपूर्ण चिंतन के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। आर्य समाज के संन्यासी और प्रचारक वेदों के संदेश का प्रचार करते हुए अंधविश्वास, पाखंड और रूढ़ियों से समाज को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से वैदिक विद्वानों के विचार सुनने और उन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व यज्ञ के यजमान आर्य सागर ने कहा कि ऐसे भव्य वैदिक अनुष्ठानों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेदों का पठन-पाठन और वैदिक कर्मकांड पुनर्जीवित होने से समाज में नई चेतना का संचार हो सकता है।

यज्ञ ब्रह्म स्वामी सत्यव्रत आनंद जी ने अग्निहोत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अग्नि के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप को समझना आवश्यक है। कार्यक्रम में मतनौरा से आए महाशय सुरेंद्र जी ने सुंदर भजन प्रस्तुत किया। संचालन वीरेंद्र शास्त्री ने किया।

कार्यक्रम के संयोजक शास्त्रार्थ महारथी महेंद्र आर्य, कोषाध्यक्ष सत्यपाल आर्य, सत्यवीर आर्य, दिवाकर आर्य, प्रेमचंद आर्य, महरचंद महाशय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि महायज्ञ की पूर्णाहुति 23 अगस्त को होगी और श्रद्धालुओं से इसमें सहभागी होने का आह्वान किया।

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