राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गयी सरदार वल्लभभाई पटेल की 144वीं जयंती

फ्यूचर लाइन टाईम्स 
प्रतापगढ़ : जनपद के पट्टी क्षेत्र में भारत की एकता एवं अखंडता के सूत्रधार सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन पर प्राथमिक विद्यालयों से लेकर सभी सरकारी संस्थाओं में सरदार पटेल  की जयंती राष्ट्रीय एकता के रूप में मनाई गयी  सरदार पटेल का जन्म नडियाद  गुजरात में एक लेवा पटेल पाटीदार जाति में हुआ था वे झवेरभाई पटेल एवं लाडवा देवी की चौथी संतान थे सोमाभाई नरसी भाई और बिट्ठल भाई उनके अग्रज थे उनकी शिक्षा मुख्य ता  स्वाध्याय से हुई लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई की और वापस आकर अहमदाबाद में वकालत करने लगे महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्हें भारत के स्वतंत्र आंदोलन में भाग लिया सरदार बल्लभ भाई पटेल स्वतंत्रता आंदोलन में इनका सबसे पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष में हुआ गुजरात का खेड़ा खंड डिवीजन उन दिनों भयंकर सूखे की चपेट में था किसानों ने अंग्रेज सरकार से भारी कर में छूट की मांग की जब यह स्वीकार नहीं किया गया तो सरदार पटेल गांधी जी व अन्य लोगों ने किसानों का नेतृत्व किया और उन्हें कर ना देने के लिए प्रेरित किया अंत में सरकार झुकी और उस वर्ष करो में राहत दी गई या सरदार पटेल की पहली सफलता थी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान वर्ष 1928 में गुजरात में हुआ एक प्रमुख किसान आंदोलन था जिसका नेतृत्व बल्लभ भाई पटेल ने किया उस समय प्रांतीय सरकार ने किसानों के लगान में 30% तक की वृद्धि कर दी थी पटेल ने इस लगान वृद्धि का जमकर विरोध किया सरकार ने इस सत्याग्रह आंदोलन को कुचलने के लिए कठोर कदम उठाए पर अंधता विवश होकर उन्हें किसानों की मांग को मानना पड़ा एक न्यायिक अधिकारी ब्लूमफील्ड और एक राजस्व अधिकारी मैक्सवेल ने संपूर्ण मामलों की जांच कर 22% लगान वृद्धि को गलत ठहराते हुए उसे घटाकर 6.03% कर दिया इस सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद यहां की महिलाओं ने बल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि प्रदान की किसान संघर्ष एवं राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम के अंतर संबंधों की व्याख्या बारडोली किसान संघर्ष के संदर्भ में करते हुए गांधी जी ने कहा कि इस तरह का हर संघर्ष हर कोशिश में राज्य के करीब पहुंचा रही है और हम सबको स्वराज की मंजिल तक पहुंचाने में यह संघर्ष स्वराज्य के लिए संघर्ष से कहीं ज्यादा सहायक सिद्ध हो सकता है ऐसे महान व्यक्तित्व वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म दिवस पर क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर विविध कार्यक्रम के रूप में उनकी जयंती मनाई जा रही हैं 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ