स्मार्ट विलेज तिलपता की बदहाल स्थिति: जलभराव और गंदगी से ग्रामीण और छेत्र वासी परेशान

मनोज तोमर ब्यूरो चीफ दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स गौतमबुद्ध नगर।
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के महत्वपूर्ण और स्मार्ट विलेज तिलपता की स्थिति इन दिनों बेहद दयनीय हो चुकी है। गांव का जोहड़ यानी तालाब कीचड़ से लबालब है और जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण दादरी-नोएडा रोड ताल-तलैया में तब्दील हो चुका है। इस स्थिति ने ग्रामीणों की जिंदगी को मुश्किलों से भर दिया है, क्योंकि पानी घरों में घुस गया है और गांव में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।
नोएडा-दादरी मैन रोड के दोनों ओर बनी नालियों की सफाई न होने के चलते यह हालत पैदा हुई है। नहर की ओर से डेंसो की ओर नालियों का बहाव है, मगर नालों और नालियों के ऊपर बने रैंप के कारण सफाई संभव नहीं हो पाती है। दूसरी ओर, खोदना और श्योराजपुर की ओर से आती हुई नहर भी खरपतवार और कूड़े से अट चुकी है, जिससे पानी का बहाव रुक गया है। मकौड़ा की ओर डीएमआईआरसी द्वारा नहर को रेलवे के अंडरपास बनाने के लिए खोदने से भी समस्याएं बढ़ गई हैं।
नोएडा-दादरी मैन रोड पर स्थित तिलपता गांव में सूरजपुर से दादरी रेलवे स्टेशन तक मुख्य मार्ग जर्जर हो चुका है। सूरजपुर-दादरी मैन रोड पर गहरे गड्ढे हो गए हैं और नालियां कीचड़ से भरी हुई हैं, जिससे नालियों का सारा पानी मैन रोड पर फैलकर सड़ता रहता है। इस पानी की बदबू और गंदगी से गांववासियों का जीना मुहाल हो गया है।
गांव के जोहड़ यानी तालाब के सौंदर्यकरण के नाम पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसे खोद डाला, किंतु अब यह तालाब गंदगी के ढेर और गंदे पानी से लबालब हो चुका है। सारा गंदा पानी मैन रोड पर फैल रहा है और यहां तक कि ग्रामीणों के घरों में भी घुस रहा है। इस तालाब के पानी को गंदे नाले में ले जाने के लिए सीवर लाइन भी नहर के अंदर फूटी हुई थी, जिसके कारण नहर में तालाब का गंदा पानी फैलकर सड़ रहा है। इस पानी में समूद शौक जैसी घास उग आई है और कई विषैले जानवरों ने यहां अपना बसेरा बना लिया है।
जन आंदोलन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमवीर सिंह आर्य एडवोकेट का कहना है कि कई बार प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन को इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। 
ग्रामीणों की मांग है कि प्राधिकरण और प्रशासन मिलकर इस समस्या का शीघ्र समाधान करें। नालियों और नहरों की सफाई की जाए, तालाब की उचित देखभाल की जाए और सड़क मरम्मत का काम जल्दी पूरा किया जाए ताकि गांव में जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात मिल सके। 
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को चाहिए कि वह स्मार्ट विलेज तिलपता की स्थिति को गंभीरता से ले और वहां के निवासियों को इन समस्याओं से राहत दिलाए। यह समय है जब प्रशासनिक तंत्र को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए और ग्रामीणों को एक साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना चाहिए।

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