ग्रेटर नोएडा वेस्ट से 60 मीटर रोड का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा, दादरी छेत्र वासियों में आक्रोश

मनोज तोमर ब्यूरो चीफ दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स गौतमबुद्ध नगर।
दादरी, ग्रेटर नोएडा (6 जुलाई, 2024) - ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की लापरवाही के कारण 16 साल से लंबित 60 मीटर रोड का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। दादरी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राकेश नागर एडवोकेट ने सम्पूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी को मांग पत्र सौंपा।
मांग पत्र में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट 130 मीटर रोड से वाया बादलपुर से 60 मीटर रोड को कल्दा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाना था, लेकिन अब तक यह कार्य अधूरा है। इस रोड के निर्माण हेतु 2008 में ही अधिग्रहित भूमि का प्रतिकर प्रभावित काश्तकारों को दिया जा चुका है, लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
दादरी तहसील के उत्तरी-पश्चिम क्षेत्र में प्रभावित ग्रामीण, किसान, काश्तकार, समाजसेवी, एवं ओमवीर सिंह आर्य एडवोकेट राष्ट्रीय अध्यक्ष जन आंदोलन सामाजिक संस्थाएँ इस मुद्दे को लेकर काफी आक्रोशित हैं। स्थानीय सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने भी परिवहन मंत्रालय और शासन-प्रशासन से कई बार इस मामले को उठाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने समयबद्ध प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए अब तक 60 मीटर रोड का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया। इससे प्रभावित ग्राम महावड, बंबावड़, इस्लामाबाद कल्दा आदि के ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। 
शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देश होने के बावजूद, प्राधिकरण ने अधिग्रहित भूमि का विस्तार और विकास कार्य को धरातल पर उतारने में लापरवाही बरती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
राकेश नागर एडवोकेट ने जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी से विशेष अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में 60 मीटर रोड के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएँ। इससे क्षेत्र की जनता का आक्रोश शांत होगा और जनहित की महत्वपूर्ण मांग पूरी होगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा लापरवाही की इस घटना ने ग्रामीणों के विश्वास को हिला दिया है और वे अब प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।

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