प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रहित यात्रा और राहुल गांधी की आलोचनाएँ: एक विश्लेषण

विशेष संवाददाता नई दिल्ली दैनिक फ्यूचर लाइन टाईम्स।
नई दिल्ली, 09 जुलाई 2024 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्हें देश के दूसरे लौह पुरुष के रूप में देखा जाता है, बिना थके, बिना रुके, और बिना झुके, निरंतर राष्ट्रहित में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे रूस की यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य रक्षा सौदों, पेट्रोलियम और राष्ट्र की आवश्यकताओं के साथ-साथ विश्व शांति के मार्ग पर अग्रसर होना है। इस बीच, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी मणिपुर की अशांत स्थिति को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा का उद्देश्य भारत के लिए महत्वपूर्ण रक्षा सौदों को पक्का करना और पेट्रोलियम के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना है। इसके साथ ही, वे विश्व शांति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उनकी यह यात्रा भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इसके विपरीत, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी मणिपुर की अशांत स्थिति का निरीक्षण करने गए हैं। आलोचकों का कहना है कि उनकी यह यात्रा मणिपुर की स्थिति को और भी अधिक भड़काने का प्रयास है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि मणिपुर की अशांति कांग्रेस की पूर्ववर्ती नीतियों की देन है, जैसे कि कश्मीर में धारा 370। इन नीतियों ने क्षेत्र में लंबे समय से अशांति और जातीय संघर्षों को बढ़ावा दिया है।
राहुल गांधी की मणिपुर यात्रा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उनका उद्देश्य वहां शांति स्थापित करना नहीं, बल्कि अशांति को बढ़ावा देना है। जब मणिपुर में महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा था, तब राहुल गांधी ने कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि उन्होंने हाथरस की घटना पर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। इसके अलावा, तमिलनाडु में गरीबों की मौत पर भी उन्होंने कोई संवेदना नहीं व्यक्त की।
राहुल गांधी पर यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि वे उन मंचों पर जाते हैं जहां भारत विरोधी नारे लगाए जाते हैं। जैसे कि 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' और 'अफजल हम शर्मिंदा हैं' जैसे नारे। ऐसे मंचों पर उपस्थिति के कारण वे देश विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित करने का आरोप झेल रहे हैं। उनके इस कृत्य को राष्ट्र विरोधी मानते हुए, कई लोग उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थक करार देते हैं।
जे पी सिंह गूर्जर ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे देश को प्रगति के पथ पर ले जाने में अथाह प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनके समर्थकों की आलोचना करते हुए कहा कि वे राष्ट्र की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। गूजर ने कहा, "राहुल गांधी का कृत्य राष्ट्रहित में नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी तत्वों को बढ़ावा देने वाला है। हमें उनके इस कृत्य का बहिष्कार करना चाहिए।"
प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा और राहुल गांधी की मणिपुर यात्रा को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में बहस जारी है। जहां मोदी को राष्ट्र की प्रगति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, वहीं राहुल गांधी की यात्रा को नकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। इस बीच, देश की जनता को इन घटनाओं पर गहराई से विचार करने और सही निर्णय लेने की आवश्यकता है।
 जे पी सिंह गूर्जर लेखक

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